सर्दियों के मौसम की शुरुआत होते ही प्रदूषण का प्रकोप बढ़ने लगता है। इसकी वजह से कई लोगों में अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस, पल्मोनरी डिजीज और बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। प्रदूषण से निपटने में घरों में आमतौर पर उपलब्ध रहने वाला गुड़ काफी मददगार हो सकता है। दरअसल, गुड़ प्राकृतिक रूप से शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और गंदगीको साफ करता है। गुड़ भारतीय खानपान का हिस्सा रहा है। काफी लोग खाना खाने के बाद गुड़ जरूर खाते हैं, क्योंकि यहपाचन में मदद करता है। साथ ही शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक रखता है। गुड़ अस्थमा के रोगियों के लिए फायदेमंद है क्योंकिइसमें ऐंटी-ऐलर्जिक गुण होते हैं।चम्मच मक्खन में थोड़ा सा गुड़ और हल्दी मिला लें और दिन में 3-4 बार इसका सेवन करें। यह शरीर में मौजूद जहरीलेतत्व को बाहर निकालेगा और उसे टॉक्सिन फ्री बनाएगा। गुड़ को सरसों तेल में मिलाकर खाने से सांस से जुड़ी दिक्कतों सेआराम मिलता है।
एक
गुड़ में पोषक तत्व
- सुक्रोज 59.7%
- ग्लूकोज 21.8%
- खनिज तरल 26%
- जल अंश 8.86%
गुड़ में कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और कॉपर भी अच्छी मात्रा में मिलते हैं। गुड़ आयरन का प्रमुख स्रोत है और एनीमियाके मरीजों को भी इसके सेवन की सलाह दी जाती है।

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